नमस्कार, पारंपरिक चीनी चिकित्सा (टीसीएम) के अनुसार, जिगर का संबंध आंखों से होता है, यानी आंखें जिगर के स्वास्थ्य की स्थिति को दर्शाती हैं। इसलिए यदि आपकी आंखों में निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, तो यह जिगर में किसी प्रकार की असामान्यता का संकेत हो सकता है।
1. आंखों का सूखापन
जिगर का रक्त (गान शूई 肝血) आंखों को पोषण और नमी प्रदान करता है। यदि जिगर का रक्त अपर्याप्त हो, तो आंखों में सूखापन (干涩) और जलन महसूस हो सकती है। इसके साथ ही, नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे अनिद्रा और अधिक सपने आने की समस्या उत्पन्न हो सकती है। जिगर के रक्त की कमी से बालों का झड़ना और त्वचा का सूखापन भी हो सकता है। यदि आपको भी इस प्रकार की समस्या है, तो 益肝明目口服液 (यि गान मिंग म्यू कू शुआंग) का सेवन करें, जो जिगर और गुर्दे को पोषित करने के साथ-साथ रक्त को सशक्त करता है और दृष्टि को सुधारता है।
2. आंखों का लाल होना और सूजन
जब जिगर की अग्नि (गान होआंग 肝火) अत्यधिक सक्रिय होती है, तो यह आंखों को नुकसान पहुंचाती है, जिससे आंखों में लालिमा (红肿), खुजली और दर्द की समस्या हो सकती है। जिगर की अधिक आग (गान होआंग) से हृदय के यिन (心阴) को भी नुकसान हो सकता है, जिसके कारण हृदय की धड़कन (心悸), चिंता, और रात में अचानक जागने की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अलावा, याददाश्त में कमी, जीभ के सिरे का लाल होना, और मुंह में घाव (口腔溃疡) भी देखा जा सकता है। ऐसे में 泻肝安神丸 (शे गान आं शेन वान) का सेवन किया जा सकता है, जो जिगर की आग को शांत करता है और हृदय के यिन को पोषित करता है।
3. आंखों में थकान
जिगर को एक "सख्त अंग" (刚脏) माना जाता है, और इसका स्वभाव चिड़चिड़ापन और गुस्से का होता है। लंबे समय तक गुस्से में रहना और क्रोधित होना जिगर में यिन तरल पदार्थ (肝阴) की कमी कर सकता है, जिससे आंखों में थकान, धुंधला दृष्टि (视物模糊), और दृष्टि की कमजोरी उत्पन्न हो सकती है। साथ ही, सिर भारी महसूस हो सकता है, और शरीर में रात के समय पसीना (手脚心汗) आ सकता है। दोपहर के समय शरीर गर्म और असहनीय महसूस हो सकता है, और पसलियों के आसपास भी दर्द हो सकता है। ऐसी स्थिति में 六味地黄丸 (लियू वेइ दी हुआंग वान) का उपयोग किया जा सकता है, जो जिगर और गुर्दे की यिन को पोषित करता है।
निष्कर्ष:
यदि आपकी आंखों में कोई असामान्यता या लक्षण दिखाई दे, तो उसे गंभीरता से लें और शीघ्र उपचार शुरू करें ताकि अधिक गंभीर लक्षण न उत्पन्न हों।